नर्वाण मंत्र :-
।। ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।।
परेशानियों के अन्त के लिए :-
।। क्लीं ह्रीं ऐं चामुण्डायै विच्चे ।।
लक्ष्मी प्राप्ति के लिए :-
।। ओंम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।।
शीघ्र विवाह के लिए :-
।। क्लीं ऐं ह्रीं चामुण्डायै विच्चे ।।
ऊँ ऐं ह्रीं लीम क्लीम चामुण्डायै विच्चै नमः।
For getting blessings...
ऊँ ऐं ह्रीं लीम क्लीम चामुण्डायै विच्चै, आम फट स्वाहा...
For refusing blessings and getting control on Shakti
Namaha नम: and aam fatt swaha (आम फट स्वाहा) different matter but we need to understand the basics common alphabet meaning as per Agni puran ekakshar kosh and matruka sandhi level...
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ऊँ ऐं ह्रीं लीम क्लीम च अम उ अंड यै विच्चै
प्रणवाक्षर ऊँ अ, उ ओर म मात्रा के साथ बीज मन्त्र "ऐं" की विषय मात्रा स्वर युग्म सन्निष्ठ "ह" कार युक्त आधे "र" के साथ होने से प्रभाव पूर्ण "ल" कार के 'इम' से प्रबल रह कर आधे दूसरे क्षेत्र के 'ल' के 'इम' से आशीर्वाद से जुड़ता है या फट स्वाहा की आहुति से अलग होता है।
'इम' यानी जिसका फलन गर्भ में हो सकता है या हो रहा है ऐसा बीज।
शरीर क्षेत्रकी सीमा के तहत "चामुण्डायै" का अर्थ भी विशिष्ट है।
"च" यानी यहां द्वंद्व समास से जुड़े रहकर "अ" कर युक्त अंड या बीज मात्रा की बात है। जो पूर्ण तरह से अम स्वरूप है। जसकी खुशबू की बात भी निराली है।
विच्चै यानी आवृत रूपसे इच्छा यूक्त का जोभी कुछ ज्ञान, तेज है, ओर जो मूल रूप से कम है, उसका भी उससे भी कम से जुड़ने के बाद भी बचा हुआ ऐश्वर्य या तेजोमय प्रभाव ... ऐसे समझने की बात यहां है मन्त्र में।
Basically kaalee is considered as goddess of destroy any thing but in bangala Pradesh krushna knowing as kaalee in such aghor panth based language... Example name is krushna kaalee... Once Mr Vinod shastree given me hint about same...
Kaalee us way consider in puran
Single Destroyer, wife of veer bhadra as bhadra kaalee, mother of child and herself daughter of Shiv and Shakti...
The whole kaalee goddess upaasanaa is very hard and there are no longer boundary for speaking mantra with mistake...
We consider the speaking power of cute child as kaalee language but actually in mantra tantra no mistake Grant any time... As paras and aparaa is very important for maintaining world balance of environmental protection...
जय गुरुदेव दत्तात्रेय
जय हिंद
जिगर जैगीष्य
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