Wednesday, February 10, 2021
Procurement For Indian budget
Tuesday, February 9, 2021
MADHEE means BODY's EYES
Pandulipi
पाण्डुलिपि (manuscript) उस दस्तावेज को कहते हैं जो एक व्यक्ति या अनेक व्यक्तियों द्वारा हाथ से लिखी गयी हो। जैसे हस्तलिखित पत्र। मुद्रित किया हुआ या किसी अन्य विधि से, किसी दूसरे दस्तावेज से (यांत्रिक/वैद्युत रीति से) नकल करके तैयार सामग्री को पाण्डुलिपि नहीं कहते हैं।
मातृकाग्रन्थों का मुख्य उद्देश्य भारतीयज्ञान की अतिप्राचीन परम्परा का संरक्षण है । वेदों के गंभीर ज्ञान से लेकर पञ्चतन्त्र की बालकथाओं तक संस्कृत में विषय-विविधता विद्यमान है। हजारों वर्षों से सङ्कलित और संरक्षित यह ज्ञान युगों युगों से चला आ रहा है । अंत: मातृकाग्रन्थों या पाण्डुलिपियों का इतिहास ही भारतीयपरम्परा का इतिहास माना जाता है । बल-विक्रम और आयु के साथ कालान्तर में मनुष्य की स्मृतिशक्ति का ह्रास हुआ । जिस ह्रास के कारण ज्ञान का और शोधप्रबन्धों का रक्षण करने के लिए मातृकाग्रन्थों की वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग आरम्भ हुआ । मातृकाग्रन्थ अनेक प्रकार के होते हैं , परन्तु उनमें ताडपत्र, भोजपत्र, ताम्रपत्र और सुवर्णपत्र आदि प्रसिद्ध प्रकार हैं । वर्तमान में सर्वाधिक मातृकाग्रन्थ भोजपत्रों और ताडपत्रों में प्राप्त होते हैं । ताडपत्र लौह लेखनी से लिखे जाते थे । मातृकाग्रन्थों के लेखन में विशिष्ट साधन और कौशल की अपेक्षा होती है । मातृकाग्रन्थ के लेखक विद्वान और कलाओं से पूर्ण (कुशल) होने चाहिए । जर्मनी देश के वेद विद्वान मैक्समूलर (१८२३-१९००) ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि "इस समस्त संसार में ज्ञानियों और पण्डितों का देश एकमात्र भारत ही है, जहाँ विपुल ज्ञानसम्पदा हस्तलिखित ग्रन्थों के रूप में सुरक्षित है "।
पाण्डुलिपि अपनी रक्षा के लिये क्या कहती है, देखें-
- जलाद्रक्षेत्तैलाद्रक्षेद्रक्षेच्छिथिलबन्धनात्।
- मूर्खहस्ते न मां दद्यादिति वदति पुस्तकम् ॥
- ( मुझे जल से, तेल से, ढ़ीले बन्धन (बाइंडिंग) से बचायें। मुझे मूर्ख के हाथ में नहीं थमाना चाहिये - ऐसा पुस्तक कहता है।
Monday, February 8, 2021
difference of Uvach and Ukath
Janak's, bandi as Rushi, Kahod Rushi and ashtavkra and yaagyavalkya
Thursday, February 4, 2021
Magma or मैग्मा
मैग्मा चट्टानों का पिघला हुआ रूप है जिसकी रचना ठोस, आधी पिघली अथवा पूरी तरह पिघली चट्टानों के द्वारा होती है और जो पृथ्वी के सतह के नीचे निर्मित होता है। मैग्मा के बाहर निकलने वाले रूप को लावा कहते हैं।
मैग्मा के शीतलन द्वारा आग्नेय चट्टानों का निर्माण होता है। जब मैग्मा ज़मीनी सतह के ऊपर आकर लावा के रूप में ठंडा होकर जमता है तो बहिर्भेदी और जब सतह के नीचे ही जम जाता है तो अंतर्भेदी आग्नेय चट्टानों का निर्माण होता है।
सामान्यतः ज्वालामुखी विस्फोट में मैग्मा का लावा के रूप में निकलना एक प्रमुख भूवैज्ञानिक क्रिया के रूप में चिह्नित किया जाता है।
Asya Vaamiya Sukt Aatmaa Sukt
શબ્દ રમત રમણે ની રમુજ
મૂળ પ્રાર્થના असतो मा सदगमय ॥ तमसो मा ज्योतिर्गमय ॥ मृत्योर्मामृतम् गमय ॥ સામાન્ય મજાક અન્ન એવો ઓડકાર ખરો, પણ .. દરેક મનુષ્યને પોતાની જ વા...
-
We all know what is sun ... Sun means heavy fire ball... In medical Anus means sanskrut BHAG: means the hole from which we are making poty o...
-
What is SAAM Gaan? How to sing? Really a very unique tachnik built since long but nowadays very few knowing same... SAAMVEDIYA SAAM GAAN mea...
-
My marriage anniversary date is 29th January and as per Gujarati regional calendar it is on Vasant Panchami.. but instead of writing on the ...